हम जनता हैं,
बापू के बंदरों की तरह चुप हैं,
आँख,कान,मुंह सब बंद हैं,
हमने शांति का पाठ सीखा है
क्यों न हो इंसानियत हैरान मेरे देश में
घूमते हैं शान से शैतान मेरे देश में
रोशनी की खो रही पहचान मेरे देश में
और अंधेरों की बड़ी है शान मेरे देश में
बापू के बंदरों की तरह चुप हैं,
आँख,कान,मुंह सब बंद हैं,
हमने शांति का पाठ सीखा है
क्यों न हो इंसानियत हैरान मेरे देश में
घूमते हैं शान से शैतान मेरे देश में
रोशनी की खो रही पहचान मेरे देश में
और अंधेरों की बड़ी है शान मेरे देश में
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